* क्रिस योजना जबलपुर संभाग में 1 नवंबर 2006 से प्रारंभ की गई  है।      * क्रिस योजना में सम्मिलित जिले - मंडला,  जबलपुर,  नरसिंहपुर,  कटनी,  सिवनी,  छिन्दवाड़ा,  बालाघाट,   डिंडौरी ।       * यहां प्रदर्शित जानकारी दिनांक 20 नवंबर 2008 की स्थिति में अद्यतन है। *  
 


स्वस्थ्य शिशु राष्ट्र की अनमोल सम्पत्ति है ।



Healthy Child is the Wealth of a Country




 


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          क्रिस, एक ई-गर्वनेन्स प्रोग्राम है जिसमें हम जबलपुर संभाग के ग्रामीण क्षेत्र में हो रही प्रत्येक विवाह, गर्भधारण, शिशु जन्म एवं मृत्यु का पता कर उनका पंजीयन करते हैं तथा उसकी समीक्षा की जाती है। यह एक प्रयास है जिसके द्वारा हम वर्तमान मानिटरिंग पद्धति को सूचना प्रौद्योगिकी का उपयोग कर ऑन-लाइन स्वचालित सिस्टम में परिवर्तित कर रहे हैं। अब तक किये गये प्रयासों के द्वारा हमने इस बेबसाइट में विवाह का पंजीयन, गर्भधारण, प्रसव, प्रसव पूर्व एवं उपरांत सुरक्षा, शिशु जन्म एवं मृत्यु, टीकाकरण, शिशु के कुपोषण से बचाव एवं उसकी शिक्षा संबंधी जानकारी प्रदर्शित की है। 
         स्वास्थ्य एवं पोषण की स्थिति को सुधारने के लिये वर्तमान में कई एजेन्सी एवं कार्यकर्ता मौजूद हैं लेकिन एक विश्‍वसनीय सूचना तंत्र की अनुपस्थिति में इनके द्वारा किये जा रहे प्रयासों को मानीटर कर पाना एक कठिन कार्य है। जिसकी कमी से जनता को उसका खामियाजा भुगतना पड़ता है। इस कमी को दूर करने के लिये क्रिस का निर्माण किया गया है। यह तंत्र अपनी समस्त जानकारियों को विस्तार से बेबसाइट पर प्रदर्शित कर रहा है।
         इस योजना की शुरूआत मंडला जिले के नारायणगंज विकास खंड एवं नरसिंहपुर जिले के चीचली विकास खंड से की गई थी। जिसकी सफलता के बाद इसे जबलपुर संभाग के समस्त जिलों में लागू कर दिया गया है। वर्तमान में 1 नवंबर 2006 के बाद हुये विवाह एवं शिशु जन्म-मृत्यु को इस सिस्टम में पंजीयकृत किया गया है, तथा इस दिनांक तक सभी गर्भवती महिलाओं को भी इसमें शामिल किया गया है। इस सिस्टम के 5 वर्ष पूर्ण होने पर कोई भी शिशु की जानकारी शेष नहीं रहेगी।
         यह सिस्टम बाल विवाह को कम करने, संस्थागत प्रसव को बढ़ाने, भ्रूणहत्या को कम करने एवं विभिन्न योजनाओं जैसे लाड्ली लक्ष्‍मी, जननी सुरक्षा, दीनदयाल अन्‍तयोदय उपचार, बालशक्ति आदि के पात्र हितग्राहियों को चिन्हित करने, बच्चों के जन्म के समय जोखिम को कम करने, माताओं एवं बच्चों को कुपोषण से बचाने हेतु निर्धारित समय पर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने, 5 वर्ष तक के बच्चों की वृद्धि को मानीटर करने में सार्थक सिद्ध होगा। इसके द्वारा मातृ-मृत्यु दर एवं शिशु-मृत्यु दर को किसी भी समय ज्ञात किया जा सकता है। इस सिस्टम के द्वारा गर्भवती माता के चेकअप एवं टीकाकरण का केलेन्डर स्वतः तैयार हो जाता है तथा बच्चे को 5 वर्ष तक के टीकाकरण का चार्ट भी स्वतः तैयार हो जाता है। जिसमें बच्चे के जन्म का विवरण एवं उसकी वृद्धि का ब्यौरा होता है। क्रिस के द्वारा हम विभिन्न विभागों की योजनाओं जैसे सामाजिक न्यास, महिला एवं बाल विकास, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, शिक्षा विभाग आदि को समय-समय पर जोड़ रहे हैं।

 

Disclaimer

यहां पर प्रदर्शित जानकारी महिला एवं बाल विकास विभाग तथा स्वास्थ्य विभाग के जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं द्वारा दिये गये आकड़ों के आधार पर दी जा रही है। यह जानकारी पूर्णतः सत्य हो, के लिये विभाग द्वारा पूरे प्रयास किये जा रहे हैं। परन्तु इसके बाद यदि कोई त्रुटि होती है तो इसके लिये संबंधित विभाग अथवा एन.आई.सी. उत्तरदायी नहीं होगा।

बेबसाइट विकसित और रखरखाव द्वारा:
           राष्‍ट्रीय सूचना-विज्ञान केन्‍द्र, मध्‍यप्रदेश
                जानकारी, स्‍त्रोत एवं अद्यतन द्वारा :

लोक स्‍वास्‍थ्‍य एवं  परिवार कल्‍याण विभाग और महिला एवं बाल विकास विभाग

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